महाराष्ट्र: नागपुर के एक डॉक्टर ने खुद को ही एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला धंतोली स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर का है। अस्पताल में कार्यरत एक चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं। मौत की इस प्रारंभिक जांच में एनेस्थीसिया इंजेक्शन की अधिक मात्रा लेने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने खुद को सोमवार को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देकर सुसाइड कर लिया है। डॉक्टर का नाम ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर बताया जा रहा है, जो न्यूरान अस्पताल में रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। इसके साथ ही वे अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों में भी जुड़े हुए थे। पुलिस अब सारे प्वाइंट्स पर जांच कर रही है।
सुसाइड की वजह क्या थी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉक्टर ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर, पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हाल के दिनों में पारिवारिक विवादों के कारण भी वह परेशान थे और पिछले पांच, छह दिनों से घर नहीं गए थे। मिली जानकारी के अनुसार नियमित स्टाफ को जब डॉक्टर के केबिन में कोई गतिविधियां नहीं दिखाई दीं। नियमित स्टाफ ने डॉक्टर की केबिन में कई बार आवाज देने और उनसे संपर्क करने का प्रयास किया। काफी प्रयास करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो कर्मचारियों को संदेह हुआ। जब वे दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे तो देखकर चौंक गए। डॉक्टर बेहोशी की हालत में जमान पर गिरे पड़े थे।
कर्मचारियों को बुलाई पुलिस, हो रही जांच
कर्मचारियों ने तुरंत ही उन्हें प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। फिर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर डॉक्टर के शव का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि आखिर इस तरह से सुसाइड करने की पीछे की वजह क्या रही होगी?
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